एक धातु के कार्य फलन $(\phi_o)$ और उसके तापमान $(T)$ के बीच का वक्र होगा:

  • A
    Option A
  • B
    Option B
  • C
    Option C
  • D
    Option D

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सोडियम की सतह पर $4000 \ \mathring A$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश आपतित होता है,जहाँ फोटो-इलेक्ट्रिक उत्सर्जन के लिए देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) $5420 \ \mathring A$ है। सोडियम का कार्य फलन (work function) ............ $eV$ है।

$v$ आवृत्ति वाले प्रकाश (जो देहली आवृत्ति $v_0$ से अधिक है) के लिए उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों की संख्या किसके समानुपाती होती है?

एक फोटोसेल के कैथोड के पदार्थ को इस प्रकार बदला जाता है कि सतह का कार्यफलन (work function) $W_1$ से बदलकर $W_2$ हो जाता है $(W_2 > W_1)$। यदि कैथोड की सतह बदलने से पहले और बाद में उत्पन्न फोटोइलेक्ट्रिक धारा क्रमशः $I_1$ और $I_2$ है तथा $hf > W_2$ है,तो:

चित्र फोटोइलेक्ट्रिक धारा $I$ बनाम अनुप्रयुक्त वोल्टेज $(V)$ का ग्राफ दर्शाता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा है

वक्र $(a), (b), (c)$ और $(d)$ प्रकाश की दो अलग-अलग तीव्रताओं $(I_1 > I_2)$ पर अनुप्रयुक्त विभवांतर $(V)$ और प्रकाश-विद्युत धारा $(i)$ के बीच परिवर्तन को दर्शाते हैं। किस चित्र में सही परिवर्तन दिखाया गया है?

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