(N/A) $tert$-Butylbromide एक तृतीयक $(3^{\circ})$ एल्किल हैलाइड है। लीविंग ग्रुप $(Br^-)$ के हटने के बाद बनने वाला कार्बोनियम आयन एक तृतीयक कार्बोनियम आयन होता है,जो तीन मिथाइल समूहों के प्रेरणिक प्रभाव (inductive effect) और अतिसंयुग्मन (hyperconjugation) के कारण अत्यधिक स्थिर होता है। इसलिए,यह $S_N1$ क्रियाविधि को प्राथमिकता देता है।
$n$-Butylbromide एक प्राथमिक $(1^{\circ})$ एल्किल हैलाइड है। प्राथमिक कार्बोनियम आयन का निर्माण उसकी कम स्थिरता के कारण ऊर्जा की दृष्टि से प्रतिकूल है। इसके अलावा,प्राथमिक कार्बन पर त्रिविम बाधा (steric hindrance) कम होती है,जिससे न्यूक्लियोफाइल $(OH^-)$ को पीछे से आक्रमण करने की अनुमति मिलती है,जो $S_N2$ क्रियाविधि का मुख्य चरण है।