(N/A) गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम यह बताता है कि ब्रह्मांड में प्रत्येक वस्तु दूसरी वस्तु को एक ऐसे बल से आकर्षित करती है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
$G$ का $SI$ मात्रक $N \, m^2 \, kg^{-2}$ है।
दिया गया है:
प्रारंभिक बल $F_1 = 100 \, N$
अंतिम बल $F_2 = 50 \, N$
हम जानते हैं कि गुरुत्वाकर्षण बल $F = \frac{G m_1 m_2}{r^2}$ होता है,जिसका अर्थ है $F \propto \frac{1}{r^2}$।
अतः,$\frac{F_1}{F_2} = \left(\frac{r_2}{r_1}\right)^2$।
मान रखने पर:
$\frac{100}{50} = \left(\frac{r_2}{r_1}\right)^2$
$2 = \left(\frac{r_2}{r_1}\right)^2$
$\frac{r_2}{r_1} = \sqrt{2}$
इस प्रकार,बल को $50 \, N$ करने के लिए वस्तुओं के बीच की दूरी को $\sqrt{2}$ गुना (मूल दूरी का लगभग $1.414$ गुना) बढ़ाना चाहिए।