(A) कार्बन के दो गुण जो उसे अन्य तत्वों के बीच अद्वितीय बनाते हैं,वे हैं:
$(i)$ श्रृंखलन (Catenation): कार्बन में अन्य कार्बन परमाणुओं के साथ मजबूत सहसंयोजक बंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है,जिसके परिणामस्वरूप लंबी श्रृंखलाएं,शाखित श्रृंखलाएं या वलय संरचनाएं बनती हैं।
$(ii)$ चतुःसंयोजकता (Tetravalency): कार्बन की संयोजकता $4$ होती है,जो इसे चार अन्य कार्बन परमाणुओं या हाइड्रोजन,ऑक्सीजन,नाइट्रोजन या हैलोजन जैसे अन्य एकसंयोजक तत्वों के साथ स्थिर बंध बनाने की क्षमता प्रदान करती है।
कार्बन के उसके गुणों पर आधारित दो उपयोग निम्नलिखित हैं:
$(i)$ ग्रेफाइट (कार्बन का एक अपरूप) का उपयोग पेंसिल की नोक और सूखे स्नेहक (dry lubricant) के रूप में किया जाता है,क्योंकि इसकी परतदार संरचना और परतों के बीच कमजोर आकर्षण बल होते हैं।
$(ii)$ हीरा (कार्बन का एक अपरूप) का उपयोग काटने और ड्रिलिंग करने वाले उपकरणों में किया जाता है क्योंकि इसकी त्रि-आयामी चतुष्फलकीय क्रिस्टल संरचना अत्यंत कठोर होती है।