(N/A) लैन्थेनॉइड संकुचन के परिणाम निम्नलिखित हैं:
$1$. परमाणु त्रिज्या में समानता: दूसरी और तीसरी संक्रमण श्रेणी के तत्वों की परमाणु त्रिज्या समान होती है (जैसे $Zr-Hf$,$Nb-Ta$)। समान रासायनिक गुणों के कारण इन्हें अलग करना कठिन होता है।
$2$. आयनन एन्थैल्पी: लैन्थेनॉइड संकुचन के कारण तीसरी संक्रमण श्रेणी के तत्वों की आयनन एन्थैल्पी दूसरी श्रेणी से अधिक होती है।
$3$. हाइड्रॉक्साइड की क्षारीय शक्ति: लैन्थेनॉइड के आकार में कमी के कारण $La(OH)_{3}$ से $Lu(OH)_{3}$ तक हाइड्रॉक्साइड की क्षारीय शक्ति घटती है।
$4$. घनत्व: तीसरी संक्रमण श्रेणी के तत्व असामान्य रूप से उच्च घनत्व प्रदर्शित करते हैं।
रंगीन आयनों के बारे में:
कई त्रिसंयोजक लैन्थेनॉइड आयन $(M^{3+})$ ठोस और जलीय दोनों अवस्थाओं में रंगीन होते हैं। यह $f-f$ संक्रमण के कारण होता है। $4f^{n}$ विन्यास वाले आयनों का रंग $4f^{(14-n)}$ विन्यास वाले आयनों के समान होता है (जैसे $Nd^{3+}$ $(4f^{3})$ और $Er^{3+}$ $(4f^{11})$ दोनों लाल रंग के होते हैं)। $f^{0}$,$f^{7}$ और $f^{14}$ विन्यास वाले आयन (जैसे $La^{3+}$,$Gd^{3+}$,$Lu^{3+}$) रंगहीन होते हैं।