(N/A) न्यूटन का सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण का नियम बताता है कि ब्रह्मांड का प्रत्येक कण दूसरे कण को एक ऐसे बल से आकर्षित करता है जो उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती और उनके केंद्रों के बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
गणितीय रूप से,बल $F$ इस प्रकार है:
$F = \frac{G m_1 m_2}{r^2}$
जहाँ $G$ सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक है,$m_1$ और $m_2$ दो वस्तुओं के द्रव्यमान हैं,और $r$ उनके केंद्रों के बीच की दूरी है।
यह दर्शाने के लिए कि गुरुत्वीय त्वरण $(g)$ गिरती हुई वस्तु के द्रव्यमान से स्वतंत्र है,पृथ्वी (द्रव्यमान $M$,त्रिज्या $R$) की ओर गिरती हुई $m$ द्रव्यमान की वस्तु पर विचार करें।
गुरुत्वाकर्षण बल $F = \frac{G M m}{R^2}$ है।
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार,$F = m \times a$। यहाँ,$a = g$ है,इसलिए $F = m \times g$।
दोनों व्यंजकों की तुलना करने पर: $m \times g = \frac{G M m}{R^2}$।
दोनों पक्षों से $m$ को काटने पर,हमें $g = \frac{G M}{R^2}$ प्राप्त होता है।
चूंकि $g$ केवल पृथ्वी के द्रव्यमान $(M)$,गुरुत्वाकर्षण नियतांक $(G)$ और पृथ्वी की त्रिज्या $(R)$ पर निर्भर करता है,इसलिए यह गिरती हुई वस्तु के द्रव्यमान $(m)$ से स्वतंत्र है।