(N/A) ओम का नियम बताता है कि यदि किसी धात्विक चालक की भौतिक स्थितियाँ (जैसे तापमान) समान रहें,तो उसमें से प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के सीधे समानुपाती होती है।
गणितीय रूप से,इसे इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
$V \propto I$
$V = IR$
यहाँ,$V$ विभवांतर है,$I$ विद्युत धारा है,और $R$ समानुपातिकता स्थिरांक है जिसे चालक का प्रतिरोध कहा जाता है।
सत्यापन:
ओम के नियम को सत्यापित करने के लिए,चित्र में दिखाए अनुसार एक परिपथ तैयार करें,जिसमें एक नाइक्रोम का तार $R$,एक एमीटर,एक वोल्टमीटर,एक बैटरी और एक रियोस्टेट $(Rh)$ शामिल हो।
$1$. कुंजी $K$ को बंद करें और रियोस्टेट की एक विशिष्ट स्थिति के लिए एमीटर में धारा $I$ और वोल्टमीटर में विभवांतर $V$ का मान नोट करें।
$2$. परिपथ में धारा को बदलने के लिए रियोस्टेट की स्थिति बदलें और $V$ तथा $I$ के संगत मानों को नोट करें।
$3$. प्रत्येक रीडिंग के सेट के लिए $V/I$ का अनुपात ज्ञात करें। आप पाएंगे कि $V/I$ का अनुपात स्थिर रहता है।
$4$. $V$ (y-अक्ष पर) और $I$ (x-अक्ष पर) के बीच एक ग्राफ खींचें। ग्राफ मूल बिंदु से गुजरने वाली एक सीधी रेखा होगी,जो यह पुष्टि करती है कि $V$,$I$ के सीधे समानुपाती है,इस प्रकार ओम का नियम सत्यापित होता है।