(A) $(i)$ असत्य: विद्युत धारा को आवेश के प्रवाह की दर के रूप में परिभाषित किया गया है,यानी $I = Q/t$। कथन गलत तरीके से $I = Q \times t$ का सुझाव देता है।
$(ii)$ सत्य: एक सेल रासायनिक प्रतिक्रियाओं के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है,जो आवेश के प्रवाह को संचालित करता है।
$(iii)$ सत्य: शुद्ध धातुओं के लिए,तापमान बढ़ने पर इलेक्ट्रॉनों और कंपन करते आयनों के बीच अधिक टकराव के कारण प्रतिरोधकता बढ़ जाती है।
$(iv)$ असत्य: ओम का नियम बताता है कि एक चालक के सिरों पर विभवांतर उससे प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा के सीधे आनुपातिक होता है $(V \propto I)$,यदि तापमान स्थिर रहे। यह शक्ति से संबंधित नहीं है।
$(v)$ सत्य: श्रेणी परिपथ में विद्युत धारा के लिए केवल एक ही मार्ग होता है,जबकि समानांतर परिपथ में विद्युत धारा के प्रवाह के लिए कई शाखाएं होती हैं।
$(vi)$ असत्य: तार में प्रतिरोध मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनों के चालक के जाली (lattice) के परमाणुओं/आयनों के साथ टकराव के कारण होता है,न कि इलेक्ट्रॉन-इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षण के कारण।