(N/A) दिया है: एक समांतर चतुर्भुज $ABCD$ है।
सिद्ध करना है: समांतर चतुर्भुज $ABCD$ का एक विकर्ण,मान लीजिए $AC$,उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों $ABC$ और $CDA$ में विभाजित करता है। अर्थात्,$\Delta ABC \cong \Delta CDA$।
रचना: $AC$ को मिलाइए।
उपपत्ति:
चूंकि $ABCD$ एक समांतर चतुर्भुज है,
अतः $AB \parallel CD$ और $AD \parallel BC$ है।
अब,$AD \parallel BC$ और तिर्यक रेखा $AC$ उन्हें क्रमशः $A$ और $C$ पर प्रतिच्छेद करती है।
इसलिए,$\angle DAC = \angle BCA$ (एकांतर अंतःकोण)........$(1)$
पुनः,$AB \parallel DC$ और तिर्यक रेखा $AC$ उन्हें क्रमशः $A$ और $C$ पर प्रतिच्छेद करती है।
इसलिए,$\angle BAC = \angle DCA$ (एकांतर अंतःकोण)........$(2)$
अब,$\Delta ABC$ और $\Delta CDA$ में,हमारे पास है:
$\angle BCA = \angle DAC$ [$(1)$ से]
$AC = CA$ (उभयनिष्ठ भुजा)
$\angle BAC = \angle DCA$ [$(2)$ से]
अतः,$ASA$ सर्वांगसमता कसौटी द्वारा,हमें प्राप्त होता है:
$\Delta ABC \cong \Delta CDA$।