(N/A) इलेक्ट्रोड दो प्रकार के होते हैं:
$(a)$ अक्रिय इलेक्ट्रोड: जो इलेक्ट्रोड रासायनिक अभिक्रिया में भाग नहीं लेते हैं और केवल इलेक्ट्रॉनों के स्रोत या सिंक के रूप में कार्य करते हैं,उन्हें अक्रिय इलेक्ट्रोड कहा जाता है। अक्रिय इलेक्ट्रोड अभिक्रिया में घुलते नहीं हैं,इसलिए उनका द्रव्यमान स्थिर रहता है। उदाहरण के लिए $Pt$ और $Au$।
उदाहरण: $Pt$ इलेक्ट्रोड का उपयोग करके $CuCl_{2}$ के विलयन के विद्युत अपघटन में,$Pt$ इलेक्ट्रोड ऑक्सीकरण का अनुभव नहीं करता है। इसके बजाय,एनोड के पास $Cl^{-}$ का ऑक्सीकरण होकर $Cl_{2}$ गैस प्राप्त होती है।
$2Cl_{(aq)}^{-} \rightarrow Cl_{2(g)} + 2e^{-}$
$(b)$ सक्रिय इलेक्ट्रोड: जो इलेक्ट्रोड रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं,उन्हें सक्रिय इलेक्ट्रोड कहा जाता है। जब सक्रिय इलेक्ट्रोड अभिक्रिया में भाग लेते हैं,तो उनके परमाणु विलयन में घुल जाते हैं या इलेक्ट्रोड पर जमा हो जाते हैं,जिससे उनका द्रव्यमान बदल जाता है। उदाहरण के लिए $Cu$,$Zn$,और $Al$।
उदाहरण: जब $Cu$ इलेक्ट्रोड का उपयोग करके $CuCl_{2}$ के विलयन का विद्युत अपघटन किया जाता है,तो एनोड पर $Cu$ इलेक्ट्रोड का ऑक्सीकरण होता है और $Cu^{2+}$ आयन बनते हैं जो विलयन में घुल जाते हैं।
$Cu_{(s)} \rightarrow Cu_{(aq)}^{2+} + 2e^{-}$
निष्कर्ष: इलेक्ट्रोड अक्रिय है या सक्रिय,इसके आधार पर विद्युत अपघटन के उत्पाद भिन्न हो सकते हैं।