(N/A) नहीं,समुद्र में विभिन्न गहराइयों पर स्थित प्रकाशसंश्लेषी जीव समान गुणवत्ता और मात्रा का प्रकाश प्राप्त नहीं करते हैं। जैसे-जैसे गहराई बढ़ती है,प्रकाश की तीव्रता कम हो जाती है (मात्रात्मक परिवर्तन) और प्रकाश की गुणवत्ता भी बदल जाती है क्योंकि पानी प्रकाश की विभिन्न तरंग दैर्ध्य को अलग-अलग दरों पर अवशोषित करता है (गुणात्मक परिवर्तन)।
इन परिस्थितियों के अनुकूल होने के लिए,जीवों में विविध प्रकाशसंश्लेषी वर्णक होते हैं जो उनकी संबंधित गहराई पर उपलब्ध प्रकाश की विशिष्ट तरंग दैर्ध्य को अवशोषित कर सकते हैं:
$1$. हरी शैवाल (Chlorophyceae): इनमें Chlorophyll-$a$ और Chlorophyll-$b$ होते हैं,जो लाल और बैंगनी-नीले प्रकाश को अवशोषित करने में कुशल होते हैं,जो आमतौर पर उथले पानी में पाए जाते हैं।
$2$. भूरी शैवाल (Phaeophyceae): इनमें Chlorophyll-$a$,$c$ और सहायक वर्णक Fucoxanthin होते हैं,जो हरे और पीले प्रकाश को अवशोषित करने में मदद करते हैं।
$3$. लाल शैवाल (Rhodophyceae): इनमें Chlorophyll-$a$,$d$ और सहायक वर्णक Phycoerythrin होते हैं,जो नीले-हरे प्रकाश को अवशोषित करने में अत्यधिक प्रभावी होते हैं,जो समुद्र में अधिक गहराई तक प्रवेश करता है।