(N/A) हाँ,पारे का स्तंभ सरल आवर्त गति $(SHM)$ करेगा।
मान लीजिए पारे के स्तंभ की कुल लंबाई $L$ है और ट्यूब का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल $A$ है। मान लीजिए कि संतुलन स्थिति से ट्यूब के साथ पारे के स्तर का विस्थापन $x$ है।
प्रत्यानयन बल $F$ दोनों भुजाओं में पारे के स्तंभों की ऊँचाई में अंतर के कारण होता है।
ऊँचाई में अंतर $h = h_1 - h_2 = (l+x)\sin 45^{\circ} - (l-x)\sin 45^{\circ} = 2x \sin 45^{\circ} = 2x(1/\sqrt{2}) = x\sqrt{2}$.
प्रत्यानयन बल $F = -mg = -(\text{विस्थापित द्रव का द्रव्यमान})g = -(\rho A h)g = -\rho A g (x\sqrt{2})$.
पारे का कुल द्रव्यमान $M = \rho A L$ है।
न्यूटन के दूसरे नियम का उपयोग करते हुए,$F = Ma$,इसलिए $Ma = -\rho A g \sqrt{2} x$.
$(\rho A L) \frac{d^2x}{dt^2} = -\rho A g \sqrt{2} x$.
$\frac{d^2x}{dt^2} = -(\frac{g\sqrt{2}}{L})x$.
यह $SHM$ का समीकरण है जहाँ $\omega^2 = \frac{g\sqrt{2}}{L}$ है।
आवर्तकाल $T = \frac{2\pi}{\omega} = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g\sqrt{2}}} = 2\pi \sqrt{\frac{L}{g \sqrt{2}}}$।