(N/A) $SHM$ कण का तात्क्षणिक वेग समय के साथ विस्थापन में परिवर्तन की दर है।
मान लीजिए कि $A$ आयाम और $\omega$ कोणीय आवृत्ति वाले $SHM$ कण का समय $t$ पर विस्थापन है:
$x(t) = A \cos(\omega t + \phi) \quad \dots (1)$
जहाँ $\phi$ प्रारंभिक कला है।
समीकरण $(1)$ का $t$ के सापेक्ष अवकलन करने पर तात्क्षणिक वेग प्राप्त होता है:
$v(t) = \frac{d[x(t)]}{dt} = \frac{d}{dt}[A \cos(\omega t + \phi)]$
$v(t) = -A \omega \sin(\omega t + \phi)$
चूंकि $\sin(\omega t + \phi) = \pm \sqrt{1 - \cos^2(\omega t + \phi)}$,इस मान को वेग के समीकरण में रखने पर:
$v(t) = -A \omega (\pm \sqrt{1 - \cos^2(\omega t + \phi)})$
$v(t) = \pm \omega \sqrt{A^2 - A^2 \cos^2(\omega t + \phi)}$
चूंकि $x^2 = A^2 \cos^2(\omega t + \phi)$,हमें प्राप्त होता है:
$v = \pm \omega \sqrt{A^2 - x^2}$
विशेष स्थितियाँ:
$(1)$ माध्य स्थिति पर,$x = 0$:
$v = \pm \omega \sqrt{A^2 - 0} = \pm \omega A$
अतः,अधिकतम वेग $v_{\max} = A \omega$ है।
$(2)$ चरम बिंदुओं पर,$x = \pm A$:
$v = \pm \omega \sqrt{A^2 - A^2} = 0$
अतः,चरम बिंदुओं पर $SHM$ कण का वेग शून्य होता है।