(N/A) आदर्श गैस समीकरण इस प्रकार है:
$PV = \mu RT$
जहाँ $P$ दाब है,$V$ आयतन है,$\mu$ मोलों की संख्या है,$R$ गैस नियतांक है और $T$ परम ताप है।
नियत दाब पर,यदि तापमान में $\Delta T$ का परिवर्तन होता है,तो आयतन में $\Delta V$ का परिवर्तन होता है:
$P(V + \Delta V) = \mu R(T + \Delta T)$
$PV + P\Delta V = \mu RT + \mu R\Delta T$
चूँकि $PV = \mu RT$,हमें प्राप्त होता है:
$P\Delta V = \mu R\Delta T$
इस समीकरण को मूल समीकरण $PV = \mu RT$ से विभाजित करने पर:
$\frac{P\Delta V}{PV} = \frac{\mu R\Delta T}{\mu RT}$
$\frac{\Delta V}{V} = \frac{\Delta T}{T}$
आयतन प्रसार गुणांक $\alpha_V$ को $\alpha_V = \frac{1}{V} \frac{\Delta V}{\Delta T}$ के रूप में परिभाषित किया जाता है।
अतः,$\alpha_V = \frac{1}{T}$.
आदर्श गैस के लिए,$\alpha_V$ तापमान पर निर्भर करता है और यह परम ताप $T$ के व्युत्क्रमानुपाती होता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है,$\alpha_V$ घटता है। $0^{\circ}C$ $(273.15 \ K)$ पर,$\alpha_V \approx 3.66 \times 10^{-3} \ K^{-1}$ होता है,जो ठोस और तरल पदार्थों की तुलना में काफी अधिक है।