(N/A) $(i)$ जैव आवर्धन (Biomagnification)।
$(ii)$ पक्षियों में $DDT$ की उच्च सांद्रता कैल्शियम चयापचय को बाधित करती है,जिससे अंडे का छिलका पतला हो जाता है और वे समय से पहले टूट जाते हैं,जिससे अंततः पक्षियों की आबादी में गिरावट आती है।
$(iii)$ नहीं,$DDT$ का संचय सीधे तौर पर सुपोषण (eutrophication) का कारण नहीं बनता है। सुपोषण मुख्य रूप से जल निकायों में पोषक तत्वों (नाइट्रोजन और फास्फोरस) की वृद्धि के कारण होता है।
$(iv)$ नहीं,$DDT$ का संचय सीधे तौर पर $BOD$ (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) को प्रभावित नहीं करता है। $BOD$ कार्बनिक पदार्थ प्रदूषण का एक माप है।
$(v)$ भारी धातु के संचय से होने वाले रोग निम्नलिखित हैं:
$(1)$ मिनामाटा रोग: पारा $(Hg)$ विषाक्तता के कारण होता है।
$(2)$ इटाई-इटाई रोग: कैडमियम $(Cd)$ प्रदूषण से संबंधित है।
$(3)$ ब्लैक फुट रोग: आर्सेनिक $(As)$ विषाक्तता के कारण होता है।