(N/A) $\rightarrow$ इस कुल को पहले पैपिलियोनोइडी (Papilionoideae) कहा जाता था,जो लेग्युमिनोसी (Leguminosae) कुल का एक उपकुल है।
$\rightarrow$ वानस्पतिक लक्षण: पौधे वृक्ष,झाड़ी या शाक हो सकते हैं; जड़ों में मूल ग्रंथिकाएं (root nodules) पाई जाती हैं।
$\rightarrow$ तना: सीधा या आरोही (climbing)।
$\rightarrow$ पत्तियां: एकांतर,पिच्छाकार संयुक्त या सरल; पर्णाधार फुला हुआ (pulvinate); अनुपर्णी; शिरा विन्यास जालिकावत।
$\rightarrow$ पुष्पीय लक्षण:
$\rightarrow$ पुष्पक्रम: असीमाक्षी (Racemose)।
$\rightarrow$ पुष्प: द्विलिंगी,एकव्याससममित (zygomorphic)।
$\rightarrow$ बाह्यदलपुंज: पांच बाह्यदल,संयुक्त बाह्यदली; कोरस्पर्शी (imbricate) विन्यास।
$\rightarrow$ दलपुंज: पांच दल,पृथकदली,तितली के आकार का (papilionaceous),जिसमें एक पश्च मानक (standard),दो पार्श्व पंख (wings) और दो अग्र दल मिलकर नौतल (keel) बनाते हैं (जो पुंकेसर और स्त्रीकेसर को ढके रहते हैं); ध्वजी (vexillary) विन्यास।
$\rightarrow$ पुमंग: दस पुंकेसर,द्विसंघी (diadelphous),परागकोश द्विकोष्ठी।
$\rightarrow$ जायांग: अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती,एक अंडपी,एककोष्ठीय जिसमें कई बीजांड होते हैं,वर्तिका एक।
$\rightarrow$ फल: फली (Legume); बीज: एक से अनेक,अभ्रूणपोषी।