(N/A) अपघटन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरण विखंडन (Fragmentation),निक्षालन (Leaching),अपचय (Catabolism),ह्यूमिफिकेशन (Humification) और खनिजीकरण (Mineralization) हैं।
$(i)$ विखंडन: अपरदाहारी (Detritivores) (जैसे,केंचुआ) अपरद (Detritus) को छोटे कणों में तोड़ते हैं। इस प्रक्रिया को विखंडन कहते हैं।
$(ii)$ निक्षालन: निक्षालन की प्रक्रिया द्वारा,जल में घुलनशील अकार्बनिक पोषक तत्व मृदा संस्तर में नीचे चले जाते हैं और अनुपलब्ध लवणों के रूप में अवक्षेपित हो जाते हैं।
$(iii)$ अपचय: जीवाणु और कवक के एंजाइम अपरद को सरल अकार्बनिक पदार्थों में निम्नीकृत करते हैं। इस प्रक्रिया को अपचय कहते हैं।
$(iv)$ ह्यूमिफिकेशन: ह्यूमिफिकेशन के परिणामस्वरूप ह्यूमस नामक गहरे रंग के अक्रिस्टलीय पदार्थ का संचय होता है,जो सूक्ष्मजीवी क्रियाओं के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है और इसका अपघटन अत्यंत धीमी गति से होता है। कोलाइडल प्रकृति का होने के कारण,यह पोषक तत्वों के भंडार के रूप में कार्य करता है।
$(v)$ खनिजीकरण: ह्यूमस का कुछ सूक्ष्मजीवों द्वारा और अधिक निम्नीकरण होता है और खनिजीकरण नामक प्रक्रिया द्वारा अकार्बनिक पोषक तत्व मुक्त होते हैं।