(N/A) शराब और नशीले पदार्थों के व्यक्ति,उनके परिवार और समाज पर कई प्रतिकूल प्रभाव पड़ते हैं।
शराब के प्रभाव:
व्यक्ति पर प्रभाव: शराब शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। अत्यधिक सेवन से यकृत (जैसे,सिरोसिस) और तंत्रिका तंत्र को नुकसान होता है। लक्षणों में अवसाद,थकान,आक्रामकता और वजन व भूख में कमी शामिल है। अत्यधिक सेवन से हृदय गति रुकना,कोमा और मृत्यु भी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को शराब से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह भ्रूण के सामान्य विकास को बाधित करती है।
परिवार पर प्रभाव: परिवार के किसी सदस्य द्वारा शराब का अत्यधिक सेवन घरेलू समस्याओं जैसे झगड़े,हताशा और वित्तीय असुरक्षा का कारण बनता है।
समाज पर प्रभाव: यह लापरवाह व्यवहार,उपद्रव,हिंसा,सामाजिक नेटवर्क के बिगड़ने और सामाजिक गतिविधियों में रुचि कम होने जैसी समस्याओं को जन्म देता है।
नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के प्रभाव:
व्यक्ति पर प्रभाव: ड्रग्स केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं,जिससे गुर्दे और यकृत जैसे अंगों की कार्यप्रणाली खराब हो जाती है। ड्रग्स लेने के लिए सुइयों को साझा करने से $HIV$ और हेपेटाइटिस-$B$ संक्रमण का खतरा अधिक होता है। दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में आक्रामकता में वृद्धि,मिजाज बदलना (मूड स्विंग) और अवसाद शामिल हैं।
परिवार और समाज पर प्रभाव: ड्रग्स का आदी व्यक्ति हताश,चिड़चिड़ा और असामाजिक हो जाता है,जो परिवार के सदस्यों के लिए संकट पैदा करता है और समाज पर बोझ बनता है।