$4000 \,\mathring A$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी धातु पर पड़ता है और $2 \,V$ का ऋणात्मक विभव उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों को रोकता है। धातु का कार्य फलन ($eV$ में) लगभग कितना होगा? $(h = 6.6 \times 10^{-34} \,Js, \,e = 1.6 \times 10^{-19} \,C, \,c = 3 \times 10^8 \,m/s)$

  • A
    $1.1$
  • B
    $2$
  • C
    $2.2$
  • D
    $3.1$

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$300 \ nm$ तरंगदैर्ध्य और $1.0 \ W/m^2$ तीव्रता वाला पराबैंगनी प्रकाश एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की सतह पर आपतित होता है। यदि आपतित फोटॉनों में से $1\%$ फोटॉन फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्पन्न करते हैं,तो सतह के $1.0 \ cm^2$ क्षेत्रफल से उत्सर्जित फोटो-इलेक्ट्रॉनों की संख्या ज्ञात कीजिए।

एक धातु का कार्य फलन (work function) $2.3 \text{ eV}$ है और जब इस पर एक फोटॉन आपतित होता है,तो फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा $0.3 \text{ eV}$ होती है। आपतित फोटॉन की तरंगदैर्घ्य $\mathring A$ में ज्ञात कीजिए।

जब प्रकाश किसी सतह पर आपतित होता है,तो फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं। इन फोटो-इलेक्ट्रॉनों के लिए निम्नलिखित में से कौन सा सत्य है?

$3500 \ \mathring A$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश दो धातुओं $A$ और $B$ पर आपतित होता है। यदि उनके कार्य-फलन (work function) क्रमशः $4.2 \ eV$ और $1.9 \ eV$ हैं,तो कौन सी धातु फोटो-इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करेगी?

एक प्रकाश-विद्युत प्रयोग में,$Y$-अक्ष पर निरोधी विभव (stopping potential) और $X$-अक्ष पर आपतित प्रकाश की आवृत्ति को लेकर एक ग्राफ खींचा जाता है। यदि ग्राफ एक सीधी रेखा है जो $Y$-अक्ष के साथ $\theta$ कोण बनाती है,तो $\tan \theta=$ ($h$-प्लांक नियतांक,$e$-इलेक्ट्रॉन का आवेश)।

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