(N/A) कार्बनिक यौगिकों में परमाणुओं के बीच सहसंयोजक बंध होते हैं। कार्बनिक अभिक्रियाओं के दौरान,सहसंयोजक बंध का विखंडन होता है। इलेक्ट्रॉन विस्थापन के तरीके के आधार पर,तीन मुख्य प्रकार की अभिक्रियाशील मध्यवर्ती प्रजातियां बनती हैं:
$(a)$ विषम विखंडन (Heterolytic fission) में,कार्बोनियम आयन (कार्बोकेशन) या कार्बोनियन आयन (कार्बेनायन) बनता है।
$(b)$ सम विखंडन (Homolytic fission) में,मुक्त मूलक (Free radical) बनता है।
$(a)$ $(i)$ कार्बोकेशन: वह प्रजाति जिसमें कार्बन परमाणु पर धनात्मक आवेश होता है। उदाहरण: $H_3C^{+}$,$CH_3CH_2^+$,$(CH_3)_2CH^{+}$,$(CH_3)_3C^{+}$। स्थिरता का क्रम: $CH_3^+ < CH_3CH_2^+ < (CH_3)_2CH^{+} < (CH_3)_3C^{+}$ (अर्थात $\text{Methyl} < 1^{\circ} < 2^{\circ} < 3^{\circ}$)।
(ii) कार्बेनायन: वह प्रजाति जिसमें कार्बन परमाणु पर ऋणात्मक आवेश होता है। उदाहरण: $H_3C^{-}$,$H_3CCH_2^-$,$(H_3C)_2CH^{-}$,$(CH_3)_3C^{-}$। स्थिरता का क्रम: $\text{Methyl} > 1^{\circ} > 2^{\circ} > 3^{\circ}$।
$(b)$ मुक्त मूलक: ये सहसंयोजक बंधों के सम विखंडन द्वारा उत्पन्न होते हैं। मुक्त मूलक में कार्बन परमाणु पर एक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होता है। उदाहरण: $\dot{C}H_3$,$CH_3\dot{C}H_2$,$(CH_3)_2\dot{C}H$,$(CH_3)_3\dot{C}$। स्थिरता का क्रम: $\dot{C}H_3 < CH_3\dot{C}H_2 < (CH_3)_2\dot{C}H < (CH_3)_3\dot{C}$ (अर्थात $1^{\circ} < 2^{\circ} < 3^{\circ}$)।