(D) अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण है: $4 NH_{3(g)} + 5 O_{2(g)} \longrightarrow 4 NO_{(g)} + 6 H_{2}O_{(g)}$
स्टोइकियोमेट्री के अनुसार,$68 \ g \ NH_{3}$,$160 \ g \ O_{2}$ के साथ अभिक्रिया करके $120 \ g \ NO$ उत्पन्न करता है।
सीमांत अभिकर्मक (limiting reagent) ज्ञात करने के लिए,$10 \ g \ NH_{3}$ के लिए आवश्यक $O_{2}$ की गणना करें: $\frac{160 \ g \ O_{2}}{68 \ g \ NH_{3}} \times 10 \ g \ NH_{3} = 23.53 \ g \ O_{2}$।
चूंकि केवल $20 \ g \ O_{2}$ उपलब्ध है,इसलिए $O_{2}$ सीमांत अभिकर्मक है।
सीमांत अभिकर्मक का उपयोग करके $NO$ की उपज की गणना: $\frac{120 \ g \ NO}{160 \ g \ O_{2}} \times 20 \ g \ O_{2} = 15 \ g \ NO$।
अतः,नाइट्रिक ऑक्साइड का अधिकतम वजन $15 \ g$ प्राप्त किया जा सकता है।