(A-D) स्तंभाकार उपकला ऊतक: ये लंबी,स्तंभ जैसी कोशिकाएं होती हैं जो आमतौर पर पेट और आंतों की परत में पाई जाती हैं।
$(b)$ वसा ऊतक (Adipose tissue): ये कोशिकाएं वसा की गोलिकाओं के रूप में वसा को संग्रहीत करने के लिए विशिष्ट होती हैं।
$(c)$ पक्ष्माभी स्तंभाकार उपकला ऊतक: इन कोशिकाओं में सिलिया (cilia) नामक बाल जैसी संरचनाएं होती हैं जो श्लेष्म और अन्य पदार्थों को आगे धकेलने के लिए गति करती हैं।
$(d)$ वायुतक (Aerenchyma): यह मृदूतक ऊतक का एक प्रकार है जिसमें बड़ी हवा की गुहाएं होती हैं जो कमल जैसे जलीय पौधों को उत्प्लावकता प्रदान करती हैं।
$(e)$ शल्की उपकला ऊतक: ये पतली,चपटी और नाजुक कोशिकाएं होती हैं जो फेफड़ों के वायुकोशों की दीवारों में पाई जाती हैं जहाँ गैसों का आदान-प्रदान होता है।