(N/A) ये संरचनाएं,जिन्हें मूलरोम (root hairs) कहा जाता है,मिट्टी से जल और खनिजों के अवशोषण के लिए कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल को बढ़ाती हैं।
$(b)$ क्यूटिन एक जल-अभेद्य,मोमी पदार्थ है। मरुस्थलीय पौधों में,यह वाष्पोत्सर्जन द्वारा पानी की अत्यधिक हानि को रोकता है और सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके पौधे को अत्यधिक गर्मी से बचाता है।
$(c)$ ये छिद्र,जिन्हें रंध्र (stomata) कहा जाता है,गैसीय विनिमय (ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड) और वाष्पोत्सर्जन की प्रक्रिया में सहायता करते हैं।
$(d)$ कैक्टस में बाह्यत्वचा की कई परतें एक सुरक्षात्मक बाधा के रूप में कार्य करती हैं ताकि शुष्क वातावरण में पानी की अत्यधिक हानि को रोका जा सके।
$(e)$ सुबेरिन एक ऐसा रसायन है जो कॉर्क कोशिकाओं की कोशिका भित्ति को गैसों और पानी के लिए अभेद्य बनाता है,जिससे सुरक्षा मिलती है और पौधे को सूखने से बचाया जाता है।