(N/A) $Na$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $[Ne] 3s^1$ है और $Mg$ का $[Ne] 3s^2$ है।
चूंकि $Na$ के बाहरी कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन है,इसलिए $Mg$ (जिसका $3s^2$ विन्यास पूर्णतः भरा और स्थिर है) की तुलना में $Na$ से पहला इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है। अतः,$Na$ की प्रथम आयनन एन्थैल्पी $Mg$ से कम है।
पहला इलेक्ट्रॉन निकलने के बाद,$Na^+$ उत्कृष्ट गैस $Ne$ $(1s^2 2s^2 2p^6)$ का स्थिर विन्यास प्राप्त कर लेता है। $Na^+$ से दूसरा इलेक्ट्रॉन निकालने के लिए इस स्थिर अष्टक को तोड़ना पड़ता है,जो बहुत कठिन है।
इसके विपरीत,$Mg^+$ का विन्यास $[Ne] 3s^1$ है। $Mg^+$ से दूसरा इलेक्ट्रॉन निकालना आसान है क्योंकि यह $Ne$ का स्थिर उत्कृष्ट गैस विन्यास प्राप्त कर लेता है। इसलिए,$Na$ की दूसरी आयनन एन्थैल्पी $Mg$ की तुलना में काफी अधिक है।