(N/A) $(i)$ बेंजीन का $p-$नाइट्रोब्रोमोबेंजीन में रूपांतरण:
सबसे पहले,बेंजीन निर्जलीय $FeBr_3$ की उपस्थिति में $Br_2$ के साथ ब्रोमीनीकरण करके ब्रोमोबेंजीन बनाता है।
फिर,ब्रोमोबेंजीन सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ नाइट्रीकरण करके $o-$ और $p-$नाइट्रोब्रोमोबेंजीन का मिश्रण बनाता है।
$p-$आइसोमर को प्रभाजी आसवन द्वारा $o-$आइसोमर से अलग किया जाता है।
(ii) बेंजीन का $m-$नाइट्रोक्लोरोबेंजीन में रूपांतरण:
सबसे पहले,बेंजीन सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ नाइट्रीकरण करके नाइट्रोबेंजीन बनाता है।
चूंकि नाइट्रो समूह $(-NO_2)$ मेटा-निर्देशी है,इसलिए बाद में निर्जलीय $AlCl_3$ की उपस्थिति में $Cl_2$ के साथ क्लोरीनीकरण करने पर $m-$नाइट्रोक्लोरोबेंजीन प्राप्त होता है।