(N/A) मीथेन का क्लोरीनीकरण एक मुक्त मूलक श्रृंखला तंत्र (free radical chain mechanism) के माध्यम से होता है,जिसमें तीन मुख्य चरण शामिल हैं: दीपन (initiation),संचरण (propagation) और समापन (termination)।
$1$. दीपन: अभिक्रिया प्रकाश $(hv)$ या ऊष्मा की उपस्थिति में $Cl-Cl$ बंध के समांगी विखंडन (homolytic cleavage) से शुरू होती है,जिससे क्लोरीन मुक्त मूलक बनते हैं:
$Cl-Cl \xrightarrow{hv} 2\dot{C}l$
$2$. संचरण: क्लोरीन मुक्त मूलक मीथेन से एक हाइड्रोजन परमाणु को हटाकर मिथाइल मुक्त मूलक $(dot{C}H_3)$ बनाता है:
$CH_4 + \dot{C}l \rightarrow \dot{C}H_3 + HCl$
इसके बाद मिथाइल मुक्त मूलक दूसरे $Cl_2$ अणु के साथ अभिक्रिया करके क्लोरोमीथेन $(CH_3Cl)$ बनाता है और क्लोरीन मुक्त मूलक को पुनर्जीवित करता है:
$\dot{C}H_3 + Cl-Cl \rightarrow CH_3Cl + \dot{C}l$
$3$. समापन: अभिक्रिया श्रृंखला तब समाप्त होती है जब दो मुक्त मूलक आपस में जुड़ जाते हैं। एथेन $(CH_3-CH_3)$ का निर्माण तब होता है जब दो मिथाइल मुक्त मूलक आपस में टकराते हैं और जुड़ जाते हैं:
$\dot{C}H_3 + \dot{C}H_3 \rightarrow CH_3-CH_3$