(N/A) शाखित एल्केन का नामकरण निम्नलिखित नियमों का पालन करता है:
नियम-$1$: अणु में सबसे लंबी कार्बन श्रृंखला की पहचान करें,जिसे 'जनक श्रृंखला' (parent chain) कहा जाता है।
उदाहरण: नीचे दी गई संरचना $(II)$ में,सबसे लंबी श्रृंखला में $9$ कार्बन परमाणु हैं,जबकि संरचना $(I)$ में केवल $8$ कार्बन परमाणु हैं। अतः,$(II)$ सही जनक श्रृंखला है।
नियम-$2$: जनक एल्केन की पहचान करने और प्रतिस्थापियों (एल्किल समूहों) की स्थिति का पता लगाने के लिए जनक श्रृंखला के कार्बन परमाणुओं को क्रमांकित करें। अंकन इस प्रकार किया जाना चाहिए कि प्रतिस्थापित कार्बन परमाणुओं को न्यूनतम संभव अंक प्राप्त हों।
उदाहरण के लिए,संरचना $(a)$ में,बाएं से दाएं अंकन करने पर प्रतिस्थापी $C_2$ और $C_6$ पर मिलते हैं। संरचना $(b)$ में,दाएं से बाएं अंकन करने पर प्रतिस्थापी $C_4$ और $C_8$ पर मिलते हैं। चूंकि $2 < 4$,इसलिए $(a)$ में दिया गया अंकन सही है।
नियम-$3$: शाखा के रूप में जुड़े एल्किल समूहों के नाम जनक एल्केन के नाम से पहले उपसर्ग के रूप में लिखे जाते हैं। प्रत्येक प्रतिस्थापी की स्थिति को उसके संबंधित संख्या द्वारा दर्शाया जाता है। यदि विभिन्न एल्किल समूह मौजूद हैं,तो उन्हें वर्णमाला के क्रम में सूचीबद्ध किया जाता है।