(N/A) $\Rightarrow$ लिपिड सामान्यतः जल में अघुलनशील होते हैं। ये सरल वसीय अम्ल (fatty acids) हो सकते हैं।
$\Rightarrow$ एक वसीय अम्ल में एक कार्बोक्सिल समूह एक $R$ समूह से जुड़ा होता है।
$\Rightarrow$ $R$ समूह एक मिथाइल $(-CH_{3})$,या एथिल $(-C_{2}H_{5})$ या $-CH_{2}$ समूहों की उच्च संख्या ($1$ कार्बन से $19$ कार्बन) हो सकता है। उदाहरण के लिए,पामिटिक अम्ल में कार्बोक्सिल कार्बन सहित $16$ कार्बन होते हैं। एराकिडोनिक अम्ल में कार्बोक्सिल कार्बन सहित $20$ कार्बन परमाणु होते हैं।
$\Rightarrow$ वसीय अम्ल संतृप्त (बिना द्वि-आबंध के) या असंतृप्त (एक या अधिक $C=C$ द्वि-आबंध के साथ) हो सकते हैं।
$\Rightarrow$ एक अन्य सरल लिपिड ग्लिसरॉल है,जो ट्राईहाइड्रॉक्सी प्रोपेन है।
$\Rightarrow$ कई लिपिड में ग्लिसरॉल और वसीय अम्ल दोनों होते हैं। यहाँ वसीय अम्ल ग्लिसरॉल के साथ एस्टरीकृत होते हैं। ये मोनोग्लिसराइड्स,डाइग्लिसराइड्स और ट्राइग्लिसराइड्स हो सकते हैं। गलनांक के आधार पर इन्हें वसा और तेल भी कहा जाता है।
$\Rightarrow$ तेलों का गलनांक कम होता है (जैसे,तिल का तेल) और इसलिए ये सर्दियों में तेल के रूप में ही रहते हैं।
$\Rightarrow$ कुछ लिपिड में फास्फोरस और एक फास्फोराइलेटेड कार्बनिक यौगिक होता है। इन्हें फास्फोलिपिड्स कहा जाता है। ये कोशिका झिल्ली में पाए जाते हैं। लेसिथिन इसका एक उदाहरण है। कुछ ऊतकों,विशेष रूप से तंत्रिका ऊतकों में अधिक जटिल संरचना वाले लिपिड होते हैं।