(N/A) एल्केन का पूर्ण दहन: एल्केन को हवा या डाइऑक्सीजन की उपस्थिति में गर्म करने पर उनका पूर्ण ऑक्सीकरण होकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल प्राप्त होता है,जिसमें बड़ी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।
एल्केन के दहन के लिए सामान्य अभिक्रिया:
$C_{n}H_{2n+2} + (\frac{3n+1}{2}) O_{2} \rightarrow n CO_{2} + (n+1) H_{2}O + \text{Heat}$
उदाहरण:
$(i)$ मीथेन: $CH_{4(g)} + 2 O_{2(g)} \rightarrow CO_{2(g)} + 2 H_{2}O_{(l)}$ ; $\Delta_{c} H^{\ominus} = -890 \ kJ \ mol^{-1}$
$(ii)$ ब्यूटेन: $C_{4}H_{10(g)} + \frac{13}{2} O_{2(g)} \rightarrow 4 CO_{2(g)} + 5 H_{2}O_{(l)}$ ; $\Delta_{c} H^{\ominus} = -2875.84 \ kJ \ mol^{-1}$
बड़ी मात्रा में ऊष्मा निकलने के कारण,एल्केन का उपयोग घरों,वाहनों और उद्योगों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
$(b)$ एल्केन का अपूर्ण दहन: अपर्याप्त हवा या डाइऑक्सीजन के साथ एल्केन के अपूर्ण दहन के दौरान 'कार्बन ब्लैक' बनता है।