(N/A) प्लाज्मा झिल्ली के जैव रासायनिक संगठन में लिपिड,प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शामिल हैं।
$1$. लिपिड: लिपिड घटक मुख्य रूप से फॉस्फोग्लिसराइड्स से बना होता है। ये लिपिड अणु झिल्ली में एक द्विपरत (bilayer) के रूप में व्यवस्थित होते हैं,जिसमें ध्रुवीय जलरागी (hydrophilic) सिर बाहरी तरफ (जलीय वातावरण) और अध्रुवीय जलविरागी (hydrophobic) पूंछ अंदर की तरफ होती है। यह व्यवस्था संतृप्त हाइड्रोकार्बन की अध्रुवीय पूंछ को जलीय वातावरण से सुरक्षित रखती है।
$2$. प्रोटीन: निष्कर्षण की आसानी के आधार पर,झिल्ली प्रोटीन को समाकलित (integral) या परिधीय (peripheral) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। परिधीय प्रोटीन झिल्ली की सतह पर स्थित होते हैं,जबकि समाकलित प्रोटीन आंशिक या पूर्ण रूप से झिल्ली में धंसे होते हैं।
$3$. कार्बोहाइड्रेट: ये भी झिल्ली में मौजूद होते हैं,जो अक्सर प्रोटीन (ग्लाइकोप्रोटीन) या लिपिड (ग्लाइकोलिपिड) से जुड़े होते हैं।
मानव एरिथ्रोसाइट्स (लाल रक्त कोशिकाओं) में,झिल्ली का संगठन लगभग $52\%$ प्रोटीन और $40\%$ लिपिड होता है। सिंगर और निकोलसन $(1972)$ द्वारा प्रस्तावित तरल मोज़ेक मॉडल (fluid mosaic model) के अनुसार,लिपिड की अर्ध-तरल प्रकृति पूरी द्विपरत के भीतर प्रोटीन की पार्श्व गति को सक्षम बनाती है,जिसे झिल्ली की तरलता (fluidity) कहा जाता है।