(N/A) $(1)$ जब पादप कोशिका और जंतु कोशिका दोनों को अतिपरासरी (Hypertonic) विलयन में रखा जाता है,तो बहिःपरासरण (Exoosmosis) होता है। पादप कोशिका में कोशिका भित्ति की उपस्थिति के कारण,कोशिकाद्रव्य सिकुड़कर कोशिका भित्ति से अलग हो जाता है,जिसे जीवद्रव्यकुंचन कहते हैं। हालांकि,जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती है,इसलिए कोशिकाद्रव्य से पानी बाहर निकलने पर पूरी कोशिका ही सिकुड़ जाती है और अंततः कोशिका की मृत्यु हो जाती है। इस प्रकार,कोशिका भित्ति की उपस्थिति के कारण जीवद्रव्यकुंचन केवल पादप कोशिकाओं में ही संभव है।
$(2)$ लकड़ी एक कोलाइडल प्रणाली है जो अपने परिवेश से बड़ी मात्रा में पानी को अवशोषित करती है,जिसे अंतःशोषण (Imbibition) कहा जाता है। मानसून के दौरान हवा में नमी अधिक होती है,जिससे लकड़ी नमी को अवशोषित कर लेती है और फूल जाती है।