(N/A) तैयारी: सोडियम क्लोराइड का सबसे प्रचुर स्रोत समुद्री जल है,जिसमें द्रव्यमान के अनुसार $2.7$ से $2.9 \%$ नमक होता है। सामान्य नमक आमतौर पर समुद्री जल के वाष्पीकरण द्वारा प्राप्त किया जाता है।
ब्राइन घोल के क्रिस्टलीकरण द्वारा प्राप्त कच्चे सोडियम क्लोराइड में सोडियम सल्फेट,कैल्शियम सल्फेट,कैल्शियम क्लोराइड और मैग्नीशियम क्लोराइड जैसी अशुद्धियाँ होती हैं। कैल्शियम क्लोराइड $(CaCl_{2})$ और मैग्नीशियम क्लोराइड $(MgCl_{2})$ अशुद्धियाँ हैं क्योंकि वे प्रस्वेदी (वायुमंडल से नमी को आसानी से सोख लेते हैं) होते हैं।
शुद्ध सोडियम क्लोराइड प्राप्त करने के लिए,कच्चे नमक को पानी की न्यूनतम मात्रा में घोला जाता है और अघुलनशील अशुद्धियों को दूर करने के लिए छान लिया जाता है। फिर घोल को हाइड्रोजन क्लोराइड गैस से संतृप्त किया जाता है। शुद्ध सोडियम क्लोराइड के क्रिस्टल अलग हो जाते हैं। कैल्शियम और मैग्नीशियम क्लोराइड,सोडियम क्लोराइड की तुलना में अधिक घुलनशील होने के कारण,घोल में ही रह जाते हैं।
गुण: सोडियम क्लोराइड $1081 \ K$ पर पिघलता है। $273 \ K$ पर $100 \ g$ पानी में इसकी घुलनशीलता $36.0 \ g$ है। तापमान बढ़ने के साथ घुलनशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होती है।
उपयोग: $(i)$ इसका उपयोग घरेलू उद्देश्यों के लिए सामान्य नमक या टेबल साल्ट के रूप में किया जाता है। $(ii)$ इसका उपयोग $Na_{2}O_{2}$,$NaOH$ और $Na_{2}CO_{3}$ की तैयारी के लिए किया जाता है।