(N/A) $-\quad$ पेशी एक विशेष ऊतक है जिसकी उत्पत्ति मध्यजनस्तर (mesodermal) से होती है।
$\Rightarrow$ यह एक वयस्क मानव के शरीर के कुल वजन का $40-50 \%$ हिस्सा बनाती है।
- पेशियों में उत्तेजनशीलता,संकुचनशीलता,विस्तारशीलता और प्रत्यास्थता जैसे विशेष गुण होते हैं।
- पेशियों को उनके स्थान,दिखावट और कार्य के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।
- स्थान के आधार पर पेशियों के तीन प्रकार हैं: $(i)$ कंकाल पेशियां,$(ii)$ अंतरंग पेशियां,$(iii)$ हृदय पेशियां।
$(i)$ कंकाल पेशियां: ये शरीर के कंकाल घटकों (जैसे हाथ-पैर,धड़) से निकटता से जुड़ी होती हैं।
- सूक्ष्मदर्शी के नीचे इनमें गहरे और हल्के पट्टे दिखाई देते हैं,इसलिए इन्हें रेखित पेशियां कहा जाता है।
- ये ऐच्छिक तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण में होती हैं,इसलिए इन्हें ऐच्छिक पेशियां भी कहा जाता है।
- ये पेशियां चलन और शरीर की मुद्रा बदलने में सहायक होती हैं।
$(ii)$ अंतरंग पेशियां (अरेखित): ये शरीर के खोखले अंतरंग अंगों जैसे आहार नली,प्रजनन मार्ग,श्वास नली आदि की आंतरिक दीवारों में स्थित होती हैं।
- इनमें कोई धारियां नहीं होतीं और ये दिखने में चिकनी होती हैं,इसलिए इन्हें चिकनी पेशियां (अरेखित पेशियां) कहा जाता है।
- इनकी गतिविधियां ऐच्छिक नियंत्रण में नहीं होतीं,इसलिए इन्हें अनैच्छिक पेशियां कहा जाता है।
- ये पाचन तंत्र में भोजन के परिवहन और जनन मार्ग में युग्मकों के परिवहन जैसे कार्यों में शामिल होती हैं।
$(iii)$ हृदय पेशियां: ये हृदय बनाने वाली पेशियों का समूह हैं। कई हृदय पेशी कोशिकाएं एक शाखित पैटर्न बनाती हैं। हृदय पेशियां छोटी,बेलनाकार और शाखित प्रवर्धों द्वारा एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं।
- ये पेशियां स्वायत्त तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित होती हैं,इसलिए ये प्रकृति में अनैच्छिक होती हैं।
- हृदय पेशियों का संकुचन तीव्र,लयबद्ध और निरंतर होता है (ये कभी थकती नहीं हैं)। ये अंतर्विष्ट डिस्क (intercalated discs) द्वारा एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं और इन्हें प्रचुर मात्रा में रक्त की आपूर्ति होती है।