(N/A) परिसंचरण मार्गों के दो प्रकार या पैटर्न होते हैं: $(i)$ खुला परिसंचरण तंत्र,$(ii)$ बंद परिसंचरण तंत्र।
$(i)$ खुला परिसंचरण तंत्र: इस प्रकार के परिसंचरण तंत्र में रक्त आंशिक रूप से रक्त वाहिकाओं और आंशिक रूप से रक्त स्थानों (sinuses) द्वारा प्रवाहित होता है। इस परिसंचरण में हृदय रक्त को रक्त वाहिकाओं में पंप करता है और वहां से रक्त शरीर की गुहाओं में बहता है जिन्हें साइनस कहा जाता है। यह रक्त अंततः हृदय में वापस आ जाता है। इसमें रक्त केशिकाएं (capillaries) नहीं होती हैं।
इस प्रकार का परिसंचरण तंत्र आर्थ्रोपोड्स और मोलस्क में मौजूद होता है।
$(ii)$ बंद परिसंचरण तंत्र: रक्त का परिसंचरण हृदय द्वारा पंप किए जाने के बाद विभिन्न रक्त वाहिकाओं के माध्यम से होता है। रक्त वाहिकाएं शरीर में एक जटिल नेटवर्क बनाती हैं। रक्त के एकदिशीय प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए वाल्व स्थित होते हैं।
एनेलिड्स और कॉर्डेट्स में बंद परिसंचरण तंत्र होता है।
परिसंचरण तंत्र के इस पैटर्न को अधिक फायदेमंद माना जाता है क्योंकि तरल पदार्थ के प्रवाह को अधिक सटीक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।