(N/A) परमाणु कक्षकों के अतिव्यापन से बनने वाले सहसंयोजक बंध को दो प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है:
$\sigma$-बंध: इस प्रकार का सहसंयोजक बंध दो परमाणु कक्षकों के अंत-से-अंत (head-on) अतिव्यापन द्वारा अंतर-नाभिकीय अक्ष के अनुदिश बनता है। इसे अक्षीय अतिव्यापन भी कहा जाता है। यह निम्नलिखित प्रकार से होता है:
- $s-s$ अतिव्यापन: दो अर्ध-पूर्ण $s$-कक्षकों का अतिव्यापन।
- $s-p$ अतिव्यापन: एक अर्ध-पूर्ण $s$-कक्षक और दूसरे अर्ध-पूर्ण $p$-कक्षक के बीच अतिव्यापन।
- $p-p$ अतिव्यापन: दो अर्ध-पूर्ण $p$-कक्षकों का अंतर-नाभिकीय अक्ष के अनुदिश अतिव्यापन।
$\pi$-बंध: इस प्रकार के सहसंयोजक बंध का निर्माण परमाणु कक्षकों के पार्श्व (sidewise) अतिव्यापन से होता है। इसमें,अतिव्यापन करने वाले परमाणु कक्षकों के अक्ष एक-दूसरे के समानांतर और अंतर-नाभिकीय अक्ष के लंबवत रहते हैं।