| सरल पत्ती | संयुक्त पत्ती |
|---|---|
| $(1)$ इसमें केवल एक ही पर्ण फलक (leaf lamina) होता है। | $(1)$ जब फलक के कटाव मध्यशिरा तक पहुँच जाते हैं और इसे कई पत्रकों (leaflets) में तोड़ देते हैं,तो इसे संयुक्त पत्ती कहा जाता है। |
| $(2)$ पर्णवृंत के कक्ष में कक्षस्थ कलिका होती है। | $(2)$ पत्रकों के कक्ष में कक्षस्थ कलिकाएँ नहीं होती हैं। |
| $(3)$ फलक के कटाव मध्यशिरा तक नहीं पहुँचते हैं। | $(3)$ फलक के कटाव मध्यशिरा तक पहुँचते हैं,जिससे पत्ती पत्रकों में विभाजित हो जाती है। |
| $(4)$ पत्ती अखंड या सरल मानी जाती है। | $(4)$ यह पिच्छाकार या हस्ताकार संयुक्त पत्ती हो सकती है। |
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