लाल पेशियों और श्वेत पेशियों के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

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लाल पेशियाँ श्वेत पेशियाँ
$(1)$ मायोग्लोबिन की प्रचुर मात्रा के कारण पेशियाँ लाल रंग की दिखाई देती हैं। $(1)$ मायोग्लोबिन कम होता है,इसलिए वे हल्के या सफेद रंग की दिखाई देती हैं।
$(2)$ इनमें माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या अधिक होती है। $(2)$ इनमें माइटोकॉन्ड्रिया की संख्या कम होती है।
$(3)$ ये अधिक $O_2$ का भंडारण करती हैं और वायवीय श्वसन द्वारा अधिक $ATP$ का संश्लेषण करती हैं। $(3)$ ये कम $O_2$ का भंडारण करती हैं और अवायवीय प्रक्रियाओं पर अधिक निर्भर रहती हैं,जिससे कम $ATP$ उत्पन्न होता है।
$(4)$ सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम तुलनात्मक रूप से कम विकसित होता है। $(4)$ सार्कोप्लाज्मिक रेटिकुलम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
$(5)$ उदाहरण: कबूतर की उड़ान पेशियाँ। $(5)$ उदाहरण: नेत्रगोलक (eyeball) की पेशियाँ।

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$A$: पेशी तंतु के शिथिलन की शुरुआत में ही बार-बार उद्दीपन देने से शुरुआत में संकुचन की सीमा बढ़ जाती है और इसके परिणामस्वरूप 'ट्रेपे' (treppe) या 'सीढ़ीनुमा घटना' (staircase phenomenon) होती है।
$R$: यह बार-बार दिए जाने वाले सब-थ्रेशोल्ड (sub-threshold) उद्दीपनों के योग प्रभाव (summation effect) के कारण होता है।

रेखित पेशी तंतु...... में पाए जाते हैं।

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