(N/A) लवणों को उनके जल-अपघटन व्यवहार के आधार पर इस प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है:
$1$. प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार के लवण: इन लवणों का जल-अपघटन नहीं होता है,और इनके जलीय विलयन उदासीन $(pH = 7)$ होते हैं। उदाहरण: $NaCl, NaNO_{3}, KNO_{3}, K_{2}SO_{4}$.
$2$. दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के लवण: दुर्बल अम्ल का ऋणायन जल-अपघटित होता है,जिसके परिणामस्वरूप विलयन क्षारीय $(pH > 7)$ हो जाता है। उदाहरण: $CH_{3}COONa, K_{3}PO_{4}, Na_{2}CO_{3}, NaHCO_{3}$.
$3$. प्रबल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण: दुर्बल क्षार का धनायन जल-अपघटित होता है,जिसके परिणामस्वरूप विलयन अम्लीय $(pH < 7)$ हो जाता है। उदाहरण: $NH_{4}Cl, NH_{4}NO_{3}, CuSO_{4}, FeCl_{3}$.
$4$. दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार के लवण: धनायन और ऋणायन दोनों जल-अपघटित होते हैं। विलयन की प्रकृति $(pH)$ दुर्बल अम्ल और दुर्बल क्षार के वियोजन स्थिरांक ($K_{a}$ और $K_{b}$) पर निर्भर करती है। उदाहरण: $CH_{3}COONH_{4}, HCOONH_{4}$.