(N/A) जीन $DNA$ के खंड होते हैं जो विशिष्ट प्रोटीन या एंजाइमों के संश्लेषण के लिए आवश्यक आनुवंशिक जानकारी ले जाते हैं।
आणविक जीव विज्ञान के सेंट्रल डोग्मा (Central Dogma) के अनुसार, किसी लक्षण की अभिव्यक्ति निम्नलिखित चरणों के माध्यम से होती है:
$1$. अनुलेखन (Transcription): $DNA$ (जीन) में संग्रहीत आनुवंशिक जानकारी को $mRNA$ में अनुलेखित किया जाता है।
$2$. स्थानांतरण (Translation): इसके बाद $mRNA$ को एक विशिष्ट प्रोटीन या एंजाइम में स्थानांतरित (translate) किया जाता है।
$3$. लक्षण अभिव्यक्ति: संश्लेषित प्रोटीन सीधे एक संरचनात्मक घटक या लक्षण के रूप में कार्य कर सकता है, या एंजाइम एक विशिष्ट सबस्ट्रेट पर प्रतिक्रिया करके उत्पाद (product) बना सकता है, जो अंततः एक विशेष फेनोटाइपिक लक्षण के रूप में प्रकट होता है।