(A) कोणीय संवेग $\vec{l}$ को स्थिति सदिश $\vec{r}$ और रैखिक संवेग सदिश $\vec{p}$ के सदिश गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है:
$\vec{l} = \vec{r} \times \vec{p} = (x \hat{i} + y \hat{j} + z \hat{k}) \times (p_x \hat{i} + p_y \hat{j} + p_z \hat{k})$
सारणिक रूप का उपयोग करते हुए:
$\vec{l} = \begin{vmatrix} \hat{i} & \hat{j} & \hat{k} \\ x & y & z \\ p_x & p_y & p_z \end{vmatrix} = \hat{i}(y p_z - z p_y) - \hat{j}(x p_z - z p_x) + \hat{k}(x p_y - y p_x)$
घटकों की तुलना करने पर,हमें प्राप्त होता है:
$l_x = y p_z - z p_y$
$l_y = z p_x - x p_z$
$l_z = x p_y - y p_x$
यदि कण केवल $x-y$ तल में गति करता है,तो $z = 0$ और $p_z = 0$ होगा। इन मानों को समीकरणों में रखने पर:
$l_x = y(0) - (0)p_y = 0$
$l_y = (0)p_x - x(0) = 0$
$l_z = x p_y - y p_x$
चूंकि $l_x = 0$ और $l_y = 0$ है,इसलिए कोणीय संवेग का केवल $z$-घटक शेष रहता है।