(N/A) जब किसी पिंड पर बल इस प्रकार लगाया जाता है कि वह स्थिर संतुलन में रहे,तो उसमें विरूपण (deformation) होता है।
विरूपण की मात्रा पदार्थ की प्रकृति और विरूपक बल के परिमाण पर निर्भर करती है।
जब किसी पिंड पर विरूपक बल लगाया जाता है,तो पिंड के भीतर विरूपण का विरोध करने के लिए एक प्रत्यानयन बल (restoring force) विकसित होता है।
यह प्रत्यानयन बल परिमाण में लगाए गए बल के बराबर लेकिन दिशा में विपरीत होता है। प्रति इकाई क्षेत्रफल पर लगने वाले इस प्रत्यानयन बल को प्रतिबल (stress) कहा जाता है।
यदि $F$ लगाया गया बल है और $A$ पिंड के अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है,तो:
$\text{प्रतिबल} = \frac{F}{A}$
इसका $SI$ मात्रक $N m^{-2}$ या पास्कल $(Pa)$ है।
इसका विमीय सूत्र $[ML^{-1} T^{-2}]$ है।