(N/A) मनुष्य में श्वसन की प्रक्रिया मुख्य रूप से दो चरणों में होती है: अंतःश्वसन (Inhalation) और उच्छ्वसन (Exhalation)।
$1.$ अंतःश्वसन: डायाफ्राम (उरोदरपटल) सिकुड़ता है और नीचे की ओर जाता है,और पसलियों की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं,जिससे पसलियां ऊपर और बाहर की ओर आती हैं। इससे वक्ष गुहा (thoracic cavity) का आयतन बढ़ जाता है,जिससे फेफड़ों के अंदर हवा का दबाव कम हो जाता है। परिणामस्वरूप,वायुमंडल की हवा श्वसन मार्ग से फेफड़ों में प्रवेश करती है।
$2.$ उच्छ्वसन: डायाफ्राम शिथिल होता है और ऊपर की ओर जाता है,और पसलियों की मांसपेशियां शिथिल होती हैं,जिससे पसलियां नीचे और अंदर की ओर जाती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है,जिससे फेफड़ों के अंदर हवा का दबाव बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप,हवा फेफड़ों से बाहर वायुमंडल में धकेल दी जाती है।
$3.$ गैसों का विनिमय: यह प्रक्रिया वायुकोषों (alveoli) में होती है। अंतःश्वसन वाली हवा से ऑक्सीजन रक्त में विसरित (diffuse) हो जाती है,जबकि रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड वायुकोषों में विसरित हो जाती है ताकि उसे उच्छ्वसन के माध्यम से बाहर निकाला जा सके।