(N/A) विद्युतचुंबकीय प्रेरण वह घटना है जिसमें एक चालक में बदलता हुआ चुंबकीय क्षेत्र दूसरे चालक या परिपथ में विद्युत धारा प्रेरित करता है।
प्रयोग:
$1$. तांबे के तार के दो कुंडलियाँ लें जिनमें फेरों की संख्या अधिक हो (मान लीजिए क्रमशः $50$ और $100$ फेरे) और उन्हें एक अचालक बेलनाकार रोल पर लपेटें।
$2$. पहली कुंडली (कुंडली-$1$) के सिरों को एक बैटरी और एक प्लग कुंजी $(K)$ के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ें।
$3$. दूसरी कुंडली (कुंडली-$2$) के सिरों को एक गैल्वेनोमीटर $(G)$ से जोड़ें।
$4$. जब कुंजी $K$ को बंद किया जाता है,तो कुंडली-$1$ में विद्युत धारा प्रवाहित होती है,जिससे चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है। कुंडली-$2$ में गैल्वेनोमीटर की सुई क्षणिक विक्षेप दिखाती है,जो यह दर्शाता है कि कुंडली-$2$ में विद्युत धारा प्रेरित हुई है।
$5$. जब कुंजी $K$ को खोला जाता है,तो कुंडली-$1$ में विद्युत धारा रुक जाती है,जिससे चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होता है। गैल्वेनोमीटर की सुई विपरीत दिशा में विक्षेपित होती है,जो विपरीत दिशा में प्रेरित विद्युत धारा को दर्शाती है।
$6$. यह प्रयोग प्रदर्शित करता है कि कुंडली से जुड़े चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होने से उसमें विद्युत धारा प्रेरित होती है।