(N/A) $\psi(r)$ बनाम $r$ ग्राफ:
- यह ग्राफ नाभिक से दूरी के साथ तरंग फलन (wave function) में परिवर्तन को दर्शाता है। वक्र प्रत्येक कक्षक के लिए विशिष्ट होता है।
- जिन बिंदुओं पर वक्र $r$-अक्ष को काटता है (जहाँ $\psi(r) = 0$),वे त्रिज्यीय नोड्स (radial nodes) को दर्शाते हैं।
- $1s$ कक्षक के लिए,$\psi(r)$,$r = 0$ पर अधिकतम होता है और तेजी से घटता है। $2s$ के लिए,यह एक निश्चित दूरी पर शून्य से गुजरता है,जो एक नोड को इंगित करता है।
$\psi^2(r)$ बनाम $r$ ग्राफ:
- यह ग्राफ नाभिक से $r$ दूरी पर इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता घनत्व (probability density) को दर्शाता है।
- चूंकि $\psi^2(r)$ हमेशा धनात्मक होता है,इसलिए वक्र $r$-अक्ष के ऊपर रहता है।
- जैसे-जैसे $r$ बढ़ता है,$\psi^2(r)$ का मान घटता जाता है। जिन बिंदुओं पर $\psi^2(r) = 0$ होता है,वे त्रिज्यीय नोड्स के अनुरूप होते हैं,जहाँ इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता शून्य होती है।