(N/A) $(iv)$ $F$-केंद्र: जब किसी क्रिस्टल के ऋणायनिक स्थलों (anionic sites) पर अयुग्मित इलेक्ट्रॉन स्थित होते हैं,तो उन स्थलों को $F$-केंद्र (जर्मन शब्द $Farbenzentrum$ से,जिसका अर्थ रंग केंद्र है) कहा जाता है।
ये अयुग्मित इलेक्ट्रॉन दृश्य प्रकाश से ऊर्जा अवशोषित करके उत्तेजित हो जाते हैं,जिससे क्रिस्टल को रंग प्राप्त होता है।
उदाहरण के लिए,जब $NaCl$ के क्रिस्टलों को सोडियम वाष्प के वातावरण में गर्म किया जाता है,तो सोडियम परमाणु क्रिस्टल की सतह पर जमा हो जाते हैं।
$Cl^{-}$ आयन क्रिस्टल से इसकी सतह की ओर विसरित (diffuse) होते हैं और $Na$ परमाणुओं के साथ मिलकर $NaCl$ बनाते हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान,क्रिस्टल की सतह पर स्थित $Na$ परमाणु इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं।
ये मुक्त इलेक्ट्रॉन क्रिस्टल के अंदर विसरित होकर रिक्त ऋणायनिक स्थलों को भर देते हैं,जिससे $F$-केंद्र बनते हैं,जो $NaCl$ क्रिस्टल को पीला रंग प्रदान करते हैं।