(N/A) पादपों में वृद्धि एक जटिल प्रक्रिया है जो कई आंतरिक और बाह्य कारकों से प्रभावित होती है:
$1$. $\text{आंतरिक}$ $\text{कारक}$: इनमें आनुवंशिक कारक (जीनोटाइप) और अंतःकोशिकीय कारक जैसे पादप वृद्धि नियामक (हार्मोन) शामिल हैं, जैसे कि ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन, एब्सिसिक एसिड और एथिलीन।
$2$. $\text{बाह्य}$ $\text{कारक}$: ये पर्यावरणीय कारक हैं जो वृद्धि को प्रभावित करते हैं:
- $\text{जल}$: यह कोशिका विस्तार, स्फीति और एंजाइमी गतिविधियों के लिए आवश्यक है। यह चयापचय प्रतिक्रियाओं के लिए माध्यम प्रदान करता है।
- $\text{ऑक्सीजन}$: यह वायवीय श्वसन के लिए आवश्यक है, जो वृद्धि के लिए आवश्यक ऊर्जा मुक्त करता है।
- $\text{पोषक}$ $\text{तत्व}$: जीवद्रव्य (प्रोटोप्लाज्म) के संश्लेषण के लिए मैक्रो और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है और ये ऊर्जा के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं।
- $\text{तापमान}$: प्रत्येक पादप में वृद्धि के लिए एक इष्टतम तापमान सीमा होती है। अत्यधिक तापमान एंजाइमों को विकृत कर सकता है या चयापचय प्रक्रियाओं को बाधित कर सकता है।
- $\text{प्रकाश}$: प्रकाश की तीव्रता, गुणवत्ता और अवधि (दीप्तिकालिता) वृद्धि और विकास को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करते हैं।