(N/A) $\rightarrow$ मेंढक जमीन पर और पानी में दो अलग-अलग विधियों द्वारा श्वसन करते हैं।
$\rightarrow$ पानी में,त्वचा एक जलीय श्वसन अंग के रूप में कार्य करती है,जिसे त्वचीय श्वसन (cutaneous respiration) कहा जाता है। पानी में घुली हुई ऑक्सीजन का विनिमय त्वचा के माध्यम से विसरण (diffusion) द्वारा होता है।
$\rightarrow$ जमीन पर,मुखगुहा,त्वचा और फेफड़े श्वसन अंगों के रूप में कार्य करते हैं।
$\rightarrow$ फेफड़ों द्वारा होने वाले श्वसन को फुफ्फुसीय श्वसन (pulmonary respiration) कहा जाता है। फेफड़े धड़ के ऊपरी भाग में स्थित एक जोड़ी लम्बी,गुलाबी रंग की थैलीनुमा संरचनाएं होती हैं। हवा नासिका छिद्रों के माध्यम से मुखगुहा में और फिर फेफड़ों में प्रवेश करती है।
$\rightarrow$ ग्रीष्म निष्क्रियता (aestivation) और शीत निष्क्रियता (hibernation) के दौरान गैसीय विनिमय केवल त्वचा के माध्यम से होता है।