(N/A) $(i)$ फिंकेलस्टीन अभिक्रिया: एल्काइल आयोडाइड अक्सर एल्काइल क्लोराइड या एल्काइल ब्रोमाइड की शुष्क एसीटोन में $NaI$ के साथ अभिक्रिया द्वारा तैयार किए जाते हैं।
$CH_3CH_2Br + NaI \xrightarrow{\text{Acetone}} CH_3CH_2I + NaBr$
$\text{ब्रोमोएथेन} \rightarrow \text{आयोडोएथेन}$
$CH_3CH_2Cl + NaI \xrightarrow{\text{Acetone}} CH_3CH_2I + NaCl$
इस प्रकार बना $NaCl$ या $NaBr$ शुष्क एसीटोन में अवक्षेपित हो जाता है। यह ली-शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार अग्र अभिक्रिया को सुगम बनाता है।
$(ii)$ स्वार्ट्स अभिक्रिया: एल्काइल फ्लोराइड का संश्लेषण सबसे अच्छी तरह से एल्काइल क्लोराइड या एल्काइल ब्रोमाइड को धात्विक फ्लोराइड जैसे $AgF$,$Hg_2F_2$,$CoF_2$ या $SbF_3$ की उपस्थिति में गर्म करके किया जाता है।
$CH_3Br + AgF \rightarrow CH_3F + AgBr$