(N/A) मोजले का कार्य और आधुनिक आवर्त नियम:
- जब मेंडेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी विकसित की,तब रसायनज्ञ परमाणु की आंतरिक संरचना के बारे में बहुत कम जानते थे। $20$वीं सदी की शुरुआत में उप-परमाणु कणों के सिद्धांतों में गहन विकास देखा गया।
- $1913$ में,अंग्रेज भौतिक विज्ञानी हेनरी मोजले ने तत्वों के विशिष्ट $X$-ray स्पेक्ट्रा में नियमितता देखी। उन्होंने $\sqrt{v} = a(Z - b)$ संबंध स्थापित किया,जहाँ $v$ उत्सर्जित $X$-ray की आवृत्ति है और $Z$ तत्व की परमाणु संख्या है।
$(i)$ $\sqrt{v}$ बनाम $Z$ का आलेख एक सीधी रेखा देता है।
$(ii)$ $v$ बनाम $Z$ का आलेख सीधी रेखा नहीं देता है।
- इस प्रकार उन्होंने दिखाया कि परमाणु संख्या,परमाणु द्रव्यमान की तुलना में तत्व का अधिक मौलिक गुण है।
- आधुनिक आवर्त नियम: "तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या के आवर्ती फलन होते हैं।"
$(B)$ आधुनिक आवर्त सारणी: आधुनिक आवर्त सारणी में $7$ आवर्त और $18$ समूह होते हैं।
- आवर्त: आवर्त सारणी में क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहा जाता है।
| $Period$ (आवर्त) | $1, 2, 3, 4, 5, 6, 7$ |
| $Number$ of elements (तत्वों की संख्या) | $2, 8, 8, 18, 18, 32, 32$ |
- समूह: आवर्त सारणी में ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह कहा जाता है।
- $IUPAC$ की सिफारिश के अनुसार,समूहों को $1$ से $18$ तक क्रमांकित किया गया है,जो पुरानी पद्धति ($IA$ से $VIIIA$,$IB$ से $VIIIB$) का स्थान लेते हैं।