(N/A) एल्डिहाइड और कीटोन को ग्रिग्नार्ड अभिकर्मकों $(RMgX)$ से नाइट्राइल्स $(R'CN)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद अम्लीय जल-अपघटन द्वारा तैयार किया जा सकता है।
$1.$ एल्डिहाइड का विरचन:
ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक की हाइड्रोजन साइनाइड $(HCN)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन से एल्डिहाइड प्राप्त होता है।
$H-C \equiv N + RMgX$ $\rightarrow [R-CH=NMgX]$ $\xrightarrow{H_2O, H^+} R-CHO + NH_3 + Mg(OH)X$
उदाहरण: $H-C \equiv N + CH_3MgI$ $\rightarrow CH_3-CH=NMgI$ $\xrightarrow{H_2O, H^+} CH_3CHO + NH_3 + Mg(OH)I$
$2.$ कीटोन का विरचन:
ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक की एल्काइल नाइट्राइल्स $(R'CN)$ के साथ अभिक्रिया और उसके बाद जल-अपघटन से कीटोन प्राप्त होता है।
$R'C \equiv N + RMgX$ $\rightarrow [R'C(R)=NMgX]$ $\xrightarrow{H_2O, H^+} R'COR + NH_3 + Mg(OH)X$
उदाहरण: $CH_3C \equiv N + CH_3MgI$ $\rightarrow CH_3C(CH_3)=NMgI$ $\xrightarrow{H_2O, H^+} CH_3COCH_3 + NH_3 + Mg(OH)I$